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Jun. 16 2016
GST Information
जीएसटी की ये बातें आपके लिए जानना है जरूरी, संसद में दिखेगा मोदी का मैनेजमेंट
 
  
वित्त मंत्री अरुण जेटली ने दावा किया है कि देश के 22 राज्य मॉडल जीएसटी के ड्रॉफ्ट पर सहमत हो गए हैं। उनके अनुसार सरकार को उम्मीद है कि मानसून सत्र में जीएसटी को पारित करा लिया जाएगा। जेटली का यह विश्वास राजनीतिक दलों का जीएसटी पर बढ़ते समर्थन और राज्य सभा में एनडीए की बढ़ती पॉवर की वजह से है। आज हम आपको संसद में सरकार के मैनेजमेंट और नए मॉडल जीएसटी ड्रॉफ्ट की अहम बातें बता रहे हैं।
 
10 लाख रुपए से ज्यादा टर्नओवर पर जीएसटी
 
प्रपोजल के अनुसार जीएसटी गुड्स और सर्विसेज पर लिया जाएगा। इसके तहत सालाना 10 लाख रुपए से ज्यादा के टर्नओवर को ही जीएसटी के दायरे में लाया जाएगा। इसके अलावा पूर्वोत्तर भारत और सिक्किम में लिमिट 5 लाख रुपए रखी गई है।
 
मिलेगी रेटिंग
 
जीएसटी के दायरे में आने वाली कंपनियों और व्यक्ति के लिए एक रेटिंग सिस्टम शुरू होगा। जिसे जीएसटी कॉम्प्लायन्स करने वाले व्यक्ति के पुराने रिकार्ड को देखते हुए दिया जाएगा। रेटिंग का रिव्यू एक तय समय के बाद किया जाएगा।
 
कैजुअल टैक्सेबल पर्सन
 
ऐसा व्यकित जो कभी-कभार गुड्स और सर्विसेज से रिलेटेड ट्रांजैक्शन करता है, उसे कैजुअल टैक्सेबल पर्सन माना जाएगा। यानी इस व्यक्ति को भी स्थायी बिजनेस करने का स्थान नहीं होगा। ऐसे व्यक्ति इस कैटेगरी में रजिस्ट्रेशन कराना होगा। जो कि 90 दिन के लिए वैध होगा। जिसे अलग से मंजूरी लेकर 90 दिन के लिए बढ़ाया जा सकेगा।
 
5  साल तक की सजा
 
.प्रपोजल के अनुसार अगर कोई व्यक्ति 2.50 करोड़ रुपए से ज्यादा की टैक्स चोरी करता है, तो उसे 5 साल की सजा और जुर्माना लगेगा।
. इसी तरह 50 लाख रुपए से ज्यादा और 2.50 करोड़ तक की टैक्स चोरी पर तीन साल की सजा और जुर्माना लगेगा।
. अगर 25 लाख रुपए से ज्यादा औऱ 50 लाख रुपए तक की टैक्स चोरी है, तो एक साल की सजा और जुर्माना लगेगा।
. अगर कोई व्यक्ति बार-बार टैक्स चोरी करता है, तो उसे 5 साल से ज्यादा की सजा और जुर्माने का सामना करना पड़ेगा।
 
सभी ऑनलाइन खरीदारी पर लगेगा जीएसटी
 
- अब ई-कॉमर्स कंपनियों के जरिए होने वाली खरीदारी पर जीएसटी लगेगा। यह बात नए जीएसटी ड्रॉफ्ट में क्लीयर कर दी गई है।
- अभी तक इस बात को लेकर कंफ्यूजन था कि अगर कोई वस्तु किसी स्टेट खरीदी जाती है, और उसकी बिक्री दूसरे स्टेट में होती है, तो जीएसटी कैसे लगेगा। इस बात पर ड्राफ्ट में क्लीयर किया गया है कि पहले ट्रांजैक्शन पर जीएसटी लगाया जाएगा।

 

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